₹10 · 1 Chapter


रुद्र के होंठ नरम थे, पर जलते हुए। वो धीरे से चूमने लगा—पहले सिर्फ़ स्पर्श, जैसे कोई परीक्षा ले रहा हो। फिर ज़ोर से—होंठ उसकी त्वचा पर दबे, गर्मी सीधी खून में उतर गई। आराही की गर्दन पर एक हल्की सी चुभन हुई—उसके दाँत हल्के से छुए, पर काटा नहीं। बस इतना कि वो महसूस कर ले कि ये कोई साधारण चुम्बन नहीं है। आराही की साँसें रुक-रुक कर आने लगीं। उसके हाथ रुद्र की छाती पर और कस गए—उँगलियाँ शर्ट के कपड़े को मुँचकाते हुए, नीचे की सख्त मांसपेशियों को महसूस करते हुए। उसकी आँखें बंद थीं, पर आँखों के पीछे रंगों की बरसात हो रही थी—लाल, सुनहरा, काला। शराब की चक्कर अब और तेज़ हो गई थी, पर ये नशा अब शराब का नहीं था। ये रुद्र का था।
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